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अंत भ्रष्टाचारियों पापियों धरती मन मानव पाप दुष्टों का मां सब अस्तित्व सहना सम्मान करो सीता अ से कोख सुदर्शन चक्र उठाओ अं तक द्रोपदी का चीर बचाओ करो

Hindi पापियों का नाश करो अ Poems